सिलेंडर विस्फोट केस: अभी तक 11 की मौत

बुलंदशहर। प्राईवेट बस में फटे सिलेंडर की चपेट में आए 75 सवारियों में से 11 की मौत होने की सूचना मिली है। सोमवार की शाम को हुई वीभत्स घटना से जिले के लोग कांप उठे है। मेरठ मंडल के कमिश्नर भूपेन्द्र सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल का दौरा किया।

जिलाधिकारी व अस्पताल के सीएमओ समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को घायलो के इलाज के लिए उचित दवाऐं मुहैया कराने के निर्देश दिए है।

ये है मामला

22 सितम्बर को साढे पांच बजे जहांगीराबाद शिकारपुर रोड पर स्थित तैय्यबपुर-कुतुबपुर गांव बम्बे के पास बस में रखा सिलेंडर फट गया। 5 किलों का सिलेंडर लेकर खुर्जा से एक सवारी बैठी थी। बस में बच्चों समेत 75 सवारियां बैठी हुई थी, जिनमें 11 की मौत की पुष्टि डीएम निधि केसरवानी ने की है।

दिल्ली पहुंचे एसएसपी और डीएम

एसएसपी अखिलेश कुमार और डीएम निधि केसरवानी तीन पुलिस क्षेत्राधिकारी व तीन एसडीएम को लेकर दिल्ली के सफदरजंग, जेपी होस्पिटल, राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। सफदरजंग में 24, राममनोहर में 27, जेपी में 16 तथा एम्स में 2 मरीजों को एडमिट कराया है। तीनों सीओ और एसडीएम की मरीजों की देखरेख के लिए डयूटी लगा दी गई।

मुआवजा तय

डीएम निधि केसरवानी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गंभीर घायल को एक-एक लाख रूपये, सामान्य घायलों को 50-50 हजार और 5 लाख रूपये तक के मुफ्त इलाज का ऐलान किया है। मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रूपये (यदि मृतक परिवार का मुखिया है) और महिला और बच्चों को एक-एक लाख रूपये की घोषणा हुई है।

ऐसे फटा सिलेंडर

बस में खचाखच सवारी भरी हुई थी। किसी सवारी ने बीडी सुलगाई और रिस रही गैस ने आग पकडली। सिलेंडर फट गया और सवारियों में हाहाकार मचता रहा और जलते रहे।

बस मालिक हिरास्त में

प्राईवेट बस का मालिक विपिन खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के गांव कलेना का रहने वाला है। परिवहन अधिकारी श्रीराम यादव ने बताया कि बस का परमिट है। बस में सिलेंडर रखने और क्षमता से अधिक सवारियां भरना गैर कानूनी है। बस मालिक को हिरासत में ले लिया है।

कमिशनर का दौरा

मेरठ मण्डल के आयुक्त भूपेन्द्र सिंह ने घटना के अगले दिन शिकारपुर, जहाॅगीराबाद मार्ग पर बस दुर्घटना से पीडित लोगो का हाल चाल जानने के लिए जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएॅ सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिये।

उन्होने अस्पताल में दुर्घटना में घायल दो मरीजों से बात कर उनकी कुशलता के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने संभागिय परिवहन विभाग के अधिकारियों को फटकारा और डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बस में सिलेंडर ले जाना गैर कानूनी है।

घायलों के नाम

सीमा, राजीव बिंटू, अंकुर, मिंटू, प्रिया, सपना, अशोक, अंकुर शर्मा, सरिता व उसका बेटा सागर, परविंदर सभी निवासी गांव जखैता। अमित, सुनील, जीमल, अजीम, अरशद, सन्नो, सायरा, साहिल, शकोर, शांति, मोनी, सुमन, ओमवती, हरेंद्र, अशोक व उसके दो बेटे सोहम और यश निवासीगण जहांगीराबाद। संतोष निवासी कहरा, गोविंद व राम महेश निवासी डाबर, रन सिंह निवासी रौरा, प्रेम चंद निवासी लोहरा, मनोहर निवासी अलीगढ, अनिल, लतूर व उत्कर्ष निवासी चांदौख, चंद निवासी ऊचागांव, कुंवरपाल निवासी सिकंदराबाद, भानुप्रकाश निवासी लालपुर, नेत्रपाल निवासी बयाना कला, हुमा व नमरा निवासी दिल्ली, रमेश चंद्र निवासी अजनारा, रूबीन निवासी खुर्जा, समर, सरिता, अमित, निवासी कुतुबपुर, शेरपाल व उसकी पत्नी एवं चार बच्चे निवासी असावरी।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हुई मौत
1- जयवीर पुत्र सोहनपाल (45)
2- जॉली पुत्री रविकरन (22)
3- अदीम पुत्र जमीन (3)
4- अरसद पुत्र जमील (2)
5- प्रेम पुत्र जयप्रकाश (35)
6- मोनिका पुत्री प्रेमचंद (16)

जेपी हॉस्पीटल में मौत
7- ओमवती पत्नी रामचरन (60)
8- ननुआ पुत्र श्यौदान (45)

जिला अस्पतात में मौत

9- देवेश (6)
10- हर्टी (4)
राम मनोहरलोहिया
11- लूना पुत्री भूटटों (9)

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