क्या हब्बू की तरक्की में ही छुपा है कत्ल का राज़?

राजकुमार का कत्ल किसने किया और क्यों किया ये अभी तक साफ नहीं है। पुलिस अपनी ओर से पूरा जोर लगाए हुए है लेकिन कातिल अभी उसकी गिरफ्त से बाहर हैं।

कैसे खुलेंगे राज? क्या डायरी बताएगी राज? या फिर लेनदेन कारोबार बना हत्या का कारण? बदमाश भाड़े के थे या फिर नहीं? इन सभी सवालों का जवाब क्या खुद हब्बू की तरक्की में छुपा है जो बेहद कम वक्त में तरक्की की सीढ़ियां चढ़ते चले गए थे।

नहीं मिली डायरी

भाजपा कार्यकर्ता और प्रापर्टी कारोबारी राजकुमार उर्फ हब्बू की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। माना जा रहा था कि राजकुमार एक डायरी मेंटेन करते थे और इससे कई राज खुल सकते हैं लेकिन अभी तक पुलिस को ये डायरी नहीं मिली है।

लेनदेन में हुई हत्या?

हब्बू हत्याकांड में पुलिस विशेष रूप से प्रापर्टी विवादों को खंगाल रही थी। पुलिस लगभग सभी विवादों के दूसरे पक्षों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक किसी भी प्रापर्टी विवाद से हत्या की कड़ी जुड़ती नजर नहीं आ रही है। प्रापर्टी विवाद में कोई नतीजा आते नहीं देख पुलिस ने हब्बू के ब्याज के कारोबार पर ध्यान टिका दिया है।

माना जा रहा है कि राजकुमार का काफी पैसा उधार में घूम रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लाखों रुपये उनसे लोगों ने ले रखे थे और शायद इसी लेनदेन में उसका कत्ल हुआ है। राजकुमार के परिजनों से पुलिस ने जानकारी ली है और इसके आधार पर ये माना जा रहा है कि ये मर्डर केस प्रापर्टी विवाद ना होकर लेनदेन विवाद हो सकता है।

कुल कितने बदमाश?

परिजनों के मुताबिक काली स्कूटी पर आए तीन बदमाशों ने हब्बू का मर्डर किया। काले रंग की एक स्कूटी रेलवे फाटक के पास मिली है लेकिन पुलिस को अभी शक है कि ये वही स्कूटी है या नहीं।

एक पाइंट ये भी है कि बदमाश तीन से ज्यादा हो सकते हैं। तीन ने कत्ल किया और बाकियों ने उन्हें भगाने में मदद की। बिना मदद के फरार हो जाना करीब असंभव प्रतीत होता है।

सीसीटीवी हुए फेल

रविवार तक पुलिस ने आसपास के क्षेत्र के लगभग दर्जनभर सीसीटीवी कैमरों का रिकार्ड खंगाला, मगर सफलता नहीं मिली। पुलिस को संदिग्ध फुटेज अवश्य दिखाई दिए, लेकिन वह साफ नहीं थी।

दूसरी ओर शनिवार शाम पुलिस ने हमलावरों का स्केच तैयार कराने के लिए हब्बू के बेटे व चश्मदीद गवाह बॉबी से पूछताछ की मगर दहशत और सदमे की वजह से बॉबी भी स्केच बनाने वाली टीम का सहयोग नहीं कर सका।

राजकुमार का इतिहास भी खंगाल रही पुलिस

पुलिस ये भी पता कर रही है कि आखिर राजकुमार कैसे तरक्की की सीढ़ियों को इतनी जल्दी चढ़ता चले गए। वह एक दशक पहले डीएवी इंटर कॉलेज में अस्थाई स्पोर्ट्स टीचर थे। बीते दस सालों में उन्होंने दौलत और शोहरत कमाने के साथ राजनीति में भी कदम रख दिया था।

हब्बू का शुरुआती जीवन आम आदमी की तरह गुजरा। छोटे-मोटे कारोबार से लेकर डीएवी इंटर कॉलेज में अस्थाई स्पोर्ट्स टीचर तक के सफर में हब्बू ने कई उतार-चढ़ाव देखे। इसके बाद रिश्तेदारों की मदद से हब्बू ने प्रापर्टी के बिजनेस में कदम रखा था।

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