पढ़िए “इच्छामृत्यु” क्यों चाहते है शिक्षक

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के अंशकालिक टीचर्स ने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की है।

उनका कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उनके प्रतिमाह मानदेय 7200 से घटाकर 5000 रूपये कर दिया है। उनके सामने रोजीरोटी का संकट खडा हो गया है।

उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों के 44 शिक्षकों ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छामृत्यु की मांग की है। इनमें 24 महिला और 19 पुरूष टीचर शामिल है।

उन्होंने पत्र में स्पष्ट कहा है कि मानदेय में मानवसंसाधन विकास मंत्रालय ने समानुपात वृद्धि नही की।

अंशकालिक शिक्षकों का मानदेय 7200 प्रतिमाह से घटाकर 5 हजार रूपये प्रतिमाह कर दिया गया।

आवासीय शिक्षकों का मानदेय जो कि अंशकालिक शिक्षकों के समान विषयों तथा समान समय 6 से 8 घंटे शिक्षण कार्य करते है। उनके मानदेय में दो से ढाई गुना वृद्धि की गयी है।

उर्दू शिक्षकों का मानदेय 7200 से बढाकर 12 हजार रूपये प्रमि माह कर दिया गया। हिन्दी भाषा शिक्षकों का मानदेय 7200 प्रतिमाह से घटाकर 5 हजार रूपये प्रतिमाह कर दिया गया।

जो की मातृ भाषा का अपमान बताया है। टीचर केपी सिंह ने बताया कि शासनादेश में मानदेय वृद्धि में भाषा आवासीय, गैरआवासीय, इत्यादि आधार पर भारी भेदभाव हुआ है।

उक्त शासनादेश में सर्वाधिक भेदभाव अंशकालिक टीचर्स के साथ किये जाने का आरोप लगाया है।

बताया कि मानवसंसाधन विकास मंत्रालय के सचिव, केन्द्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति रानी, राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवहा तथा क्षेत्रिय सांसदों को पत्र भेजकर व मिलकर समस्या के समाधान की शिफारिश की थी, लेकिन उनकी किसी न नही सुनी।

पिछले 9 महीने से सभी टीचर व उनके परिवार के लोग दैनिय जिंदगी जी रहे है। उन्होंने आखिर कार राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छामृत्यु की मांग की है।

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s