अफसरों का दंश झेल रही बेव शुगर मिल

बुलंदशहर में पोलुशन कंट्रोल बोर्ड के अफसरों की मनमानी का दंश झेल रही बेब शुगरमिल में आज भी गन्ने की पेराई शुरू नही हो सकी। बेबग्रुप ने शुगर मिल में पेराई शुरू करने के लिए 28 नवम्बर की तारीख जिला प्रशासन को दी थी।

पेराई सीजन में मिल बंद रहने से हजारों गन्ना किसानों के घरों के चूल्हे बुझने के कगार पर है और उनकी खडी फसल खेतों में बर्बाद हो रही है।

बेब शुगरमिल को जिले के कल रकवे का 38 लाख कुंटल गन्ना खरीदा है। गन्ना किसानों की रोजीरोटी से जुडे इस मुददे के पीछे बुलंदशहर के पोलुशन कंट्रोल बोर्ड के अफसर खलनायक की भूमिका अदा कर रहे है।

बुलंदशहर पोलुशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल चौधरी और इसी विभाग के पर्यावरण अभियंता जेबी सिंह ये वह दो अफसर है जिन्होंने बेब शुगरमिल से सांठगांठ करके बुलंदशहर के 30 हजार से ज्यादा गन्ना किसानों को भुखमरी के कगार पर लाकर खडा कर दिया।

कई दशकों से इसी शुगरमिल में चल रहा ईटीपी यानी उत्प्रवाह शुद्धकरण संयत्र इन अफसरों ने एक ही निरीक्षण में खराब साबित कर दिया और पेराई सीजन में पोलुशन बोर्ड ने मिल बंद करने के आदेश दे डाले।

हैरत इस बात की है कि बुलंदशहर के इन अफसरों ने केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड के साथ मिलकर 1 सितंबर 2014 को उस वक्त ईटीपी का सैम्पल लिया जब शुगरमिल बंद थी और उसमें गंदा पानी भी नही था।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिल बंदी के आदेश के साथ आँनलाइन माँनीटरिंग संयत्र लगाने की बात कही है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए ऐसे संयत्र का वजूद फिलहाल पूरे उत्तर-प्रदेश में कही नही है।

सवाल यह है कि पोलुशन बोर्ड को मार्च महीने में हुए निरीक्षण में ये खामियां क्यों नजर आयी जब शुगरमिल चल रही थी। इसके बाद पोलुशन बोर्ड ने दो बार शुगरमिल प्रबंधन को नोटिस भी दिया।

लेकिन तब भी मिल को बंद करने का आदेश नही दिया। पोलुशन बोर्ड मिल बंद करने का आदेश नही दिया। पोलुशन बोर्ड मिल बंद करने के आदेश में भी दो तरह की बाते कर रहा है।

एक तरफ तो वह शुगरमिल की ईटीपी को आँनलाइन माँनीटरिंग के काबिल बनाकर नया प्रोजेक्ट लगाने की बात कर रहा है वही उसी आदेश में पोलुशन बोर्ड ने मौजूदा ईटीपी को जीर्णोद्धार करके मिल का संचालन शुरू करने की बात कही है।

जाहिर है पोलुशन बोर्ड के इस तरह के आदेश किसी साजिश का हिस्सा होने की तरफ इशारा कर रहे है।

शासन ने इस साजिश की भनक लगने के बाद जेबीसिंह का बुलंदशहर से तबादला कर दिया है। शुगरमिल प्रबंधन ने जिला प्रशासन की सख्ती देखते हुए पिछले दिनों में शुगर मिल के ईटीपी को इम्प्रूव कर लिया है और गंदे पानी को बाहर निकालने के बजाय अपने रिसाइकिल कूलिंग प्लांट में डालने का फैसला किया है।

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