6 साल से घोटाले बाज जेई को नहीं हटा सकी सरकार

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बुलंदशहर। नगरपालिका में घोटालों के चौके-छक्के लगाने वाला जूनियर इंजीनियर चेतन गौड एक दशक से पालिका में अंगदी पॉव जमाए बैठा है।

2009 में चेतन गौड को घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में निलंबित किया गया और फिर ढ़ाई महीने तक उन्होंने जेल की हवा भी खायी।

लेकिन सत्ता और नौकरशाही में अपने रसूखों के बलबूते उसी पालिका में उन्हें फिर से तैनाती मिली और अपनी कुर्सी की पावर के दम पर चेतनगौड ने पालिका के विकास कार्यो के सरकारी बजट की एक बार फिर से लूट-खसोट कर डाली है।

बुलंदशहर नगर पालिका में जूनियर इंजीनियर चेतन गौड जून 2009 में घोटाले के आरोप में जेल गए थे। दरअसल, नगर पालिका के ठेकों में वित्तीय अनियमितता और निर्माण में दलाली खाने के घोटालों के खुलासे के बाद जब चेतनगौड के खिलाफ केस दर्ज हुआ तो उन्हें ढाई महीने तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पडा था।

दस सालों से नगरपालिका में अपनी तैनाती के बहाने लूट-खसोट कर रहे चेतन गौड एक बार फिर से बदनामी की हेडलाइन में है।

शासन को भेजी गयी रिपोर्ट में उन पर नाकाबिल ठेकेदारों को टेंडर दिलाने में सहायक होने और ठेकेदारों से सांठगांठ करके अपनी मौजूदगी में घटिया सामिग्री से विकास कार्यो का निर्माण कराने के आरोप लगे है। हाल ही में हुए जिला प्रशासन के निरीक्षण में चेतनगौड के हर निर्माणस्थल पर धांधली और खामियां मिली थी।

2009 में जेल से आने के बाद चेतनगौड ने लखनऊ में बैठे अपने आकाओं की मदद से फिर से नगर पालिका में तैनाती पायी और अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के कई मामले रफा-दफा करवा लिए।

निवर्तमान जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने शासन को उनके खिलाफ कार्यवाही को रिपोर्ट भेजी थी। एडवोकेट प्रदीप जोहरी ने जनसूचना के तहत जेई का ब्योरा मांग।

जन सूचना सहायक निदेशक राजेश कुमार ने 16 नवम्बर 2011 की रिपोर्ट में कार्यवाही को विचाराधीन बताया। 26 दिसम्बर 2014 को सहायक जन सूचना अधिकारी रामनरेश ने भी उनके प्रति जाच कार्यवाही विचाराधीन बताई।

जेई के खिलाफ नायब तहसीलदार भानसिंह ने 2009 में कोतवाली देहात में विकास कार्यो में हुए घोटाले के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।

जिलाधिकारी बी.चन्द्रकला ने विकास कार्यो के निरीक्षण में घपला पाए जाने पर जेई चेतनगौड को फटकार लगाई थी। 6 साल तक भी इनके खिलाफ कार्रवाही न होने पर जिलाधिकारी ने शासन को भेजा है।

चेतन गौड के खिलाफ सैकडों शिकायतें थी जिनके चलते जिला प्रशासन के अफसरों ने पहले स्थल निरीक्षण किए और फिर पूरे मामलों की जांच करके शासन को रिपोर्ट भेजी है।

शासन को भेजी गयी रिपोर्ट के आधार पर नगरपालिका के पूर्व में ईओ रहे अरूण गुप्ता और वर्तमान ईओ एके सिंह को सस्पैंड कर दिया गया है। लेकिन जेई चेतनगौड को लखनऊ में बैठे अफसर बचाने में जुट गए है।

जिलाधिकारी ने बताया कि घोटाले बाज जेई चेतनगौड को नगर पालिका में आखिर कैसे तैनाती मिल गयी। हालांकि प्रदेश का नगर विकास निदेशालय इस मामले की जांच करने के लिए 5 साल पुरानी फाइलें खंगाल रहा है।

तफ्तीश इस तथ्य पर भी चल रही है कि आखिर कौन है जो हर बार जेई चेतन गौड को सत्ता की कृपा दिलाता है और इसीलिए सैकडों गुनाह करने के बाद उसे माफी मिल जाती है।

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