इस नए घोटाले की कहानी सुनकर चौक जाएगें आप

bijily-02

बुलंदशहर बिजली विभाग में घोटालों की फेहरिस्त खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बिल डिलीट, फर्जी फीडर और बिजलीघर में फर्जी मुलाजिमों के दर्जन भर घोटालों के बाद नया कारनामा जिले में विद्युतीकरण का काम कर रही रमकी कंपनी ने किया है।

हैदराबाद की रमकी कंपनी ने 79 करोड के ठेके में विद्युतीकरण के नाम पर खडे किए बिजली के खंभे मिटटी में ही दबा दिए है। नतीजा यह कि विद्युतीकरण पूरा होने से पहले ही झुके हुए खंभे राहगीरों और वाशिंदों के लिए मौत का सबब बनने के लिए तैयार खडे है।

मिटटी में दबे हुए बिजली के खंभे शायद आपने पहली बार देखे हो, लेकिन बुलंदशहर बिजली विभाग और विद्युतीकरण का काम कर रही रमकी कंपनी की सांठगांठ से केन्द्रसरकार का बजट मिट्टी में मिलाया जा रहा है।

हैदराबाद की रमकी कंपनी जिसे में 30 हजार से ज्यादा की आबादी वाले टाउन्स और शहरों में जर्जर खंभे और तार बदलने का काम कर रही है। लेकिन मजबूती का दावा करके लगाये जा रहे खंभे गड्डा करके केवल मिट्टी में दबा दिये गये है।

ऐसे खंभे पूरे इलाके के वाशिन्दों के घरों के सामने खतरा बनकर खड़े हो गये है। सिटी के राधानगर में रहने वाली लक्ष्मीदेवी ने बताया कि जिन लोगो ने उनके घर के सामने खंभा लगाया उसमें न तो कंक्रीट डाली और न ही सीमेंट डाला। उन्होने उन लोगो से सवाल भी किया लेकिन वह खंभे को मिट्टी में दबाकर चले गये।

यहीं के रहने वाले विशंभर का कहना है कि कंपनी के लोग अपनी हठधर्मिता से काम कर रहे है। भला बिना सीमेंट और बालू और आरसीसी के कैसे खंभे टिके रह सकते है। ऐसा लगता है कि सरकार के बजट को सही तरह से इस्तैमाल नही किया जा रहा है।

दरअसल, इन खंभों को लगाने के लिए गड्डा करने के बाद आरसीसी का बेस तैयार किया जाता है और फिर मोटी गिट्टी और कंक्रीट की मदद से खंभे को इस तरह से खड़ा किया जाता है कि वह झुके नही। लेकिन यहाँ काम कर रही रमकी कंपनी के मुलाजिमों ने सीमेंट और कंक्रीट खुद हजम कर ली और मिट्टी के सहारे खंभों को खड़ा करके छोड़ रहे है।

खंभे के टिके बिना इस पर नये तार भी डाल दिये गये है। मौके पर मौजूद साइट इंजीनियर का कहना है कि कंपनी जैसे उनसे कह रही है वह बैसे ही काम कर रहे है।

रमकी कंपनी को आरएपीडीआरपी योजना के तहत विद्युतीकरण के लिए सरकार ने 79 करोड़ रूपये का ठेका दिया है। गंभीर बात यह सामने आयी है कि जहाँ 40 और इससे कम फीसदी काम हुए है, बिजली विभाग के अफसरों ने कंपनी को वहाँ 100 फीसदी तक भुगतान कर दिया है।

बिजली विभाग के अफसर चाहते है कि कंपनी विद्युतीकरण की रस्म अदायगी करके जल्दी से जिले से रवाना हो जिससे उसके काम पर उँगलियां उठने का सिलसिला बंद हो जाये।

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s