आखिर चार महीने बाद भी पुलिस के क्यों हैं हाथ खाली!

बुलंदशहर। बीजेपी नेता और प्रापर्टी डिलर राजकुमार हब्बू की हत्या का राज चार महीनों से रहस्यों की पोटली में बंद है। पुलिस चार महीनों में हब्बू के कातिलों का पता तो लगा पायी है, लेकिन हत्या की वजह और हत्यारों के ठिकाने उसकी जद में नही है।

बाहुबली नेता डीपी यादव का राइटहैंड बनकर करोडो की प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त करने वाले राजकुमार हब्बू की हत्या के पीछे दौलत के बंटवारे और संबंधों में आयी दरारों का बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस की मानें तो करोडो रूपए की सुपारी के बदले हब्बू को मारने वाले सुपारी किलर्स कानून से बचने के लिए चुपचाप जाकर जेलों में बंद हो गए है।

23 फरवरी 2014 को अमावस की रात यानी दीवाली के वक्त बुलंदशहर के बीजेपी नेता और प्रापर्टी किंग राजकुमार उर्फ हब्बू की सरेआम हत्या कर दी गयी। स्कूटी पर सवार होकर आए तीन हत्यारों ने राजकुमार हब्बू को उनके घर के सामने पकडा और ताबतोड कई गोलियां उसके सीने में उतार दी और पटाखों के शोर के बीच आसानी से फरार हो गए।

हब्बू के मासूम बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया और बेवा हो गयी हब्बू की पत्नी सुनीता जिसे हब्बू अपनी लकी वाइफ कहता था। आखिर कौन था जिससे थी हब्बू की अदावत। पुलिस बीते चार महीनों में न तो इस सवाल के जबाव तलाश पायी और न ही ढूंढ पायी उस शख्स को जिसने हब्बू को मरवाने लिए दिल्ली और बुलंदशहर के सुपरी किलर्स को दी थी करोडो रूपए की सुपारी।

प्रापर्टी के बिजनैस में राजकुमार हब्बू बाहुबली नेता डीपी यादव का साझेदार था। डीपी यादव, उनके भतीजे मनोज यादव और प्रदीप अग्रवाल नाम के बिजनैसमैन के साथ मिलकर हब्बू ने करीब एक दशक में प्रापर्टी के धंधे में बुलंदियों की उंचाईयों को छुआ था।

हब्बू के बिजनेस की खासियत थी कि उसने प्रापर्टी का कारोबार करते हुए न तो कभी अपने दुश्मन बनाए और न ही किसी तरह का विवाद अपने गले में डाला। यही वजह थी कि शहर और आसपास के इलाके में हब्बू की साख इतनी थी कि दसियों करोड की डीलिंग उसकी जुबान की जमानत पर हो जाती थी। बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी अखिलेश मीणा ने हब्बू को मरवाने वाले के खिलाफ अपने रहते हुए कोई सबूत नही जुटाए।

बुलंदशहर कि एसएसपी बदले जाने के बाद हुई पुलिस की कवायद ऐसे आधा दर्जन सुपारी किलर्स के नाम ढूंढ पायी है जो हब्बू क हत्या करने के बाद पश्चिमी उत्तर-प्रदेश की जेलों में बंद हो गए। लेकिन उनसे हुई पूछताछ में पुलिस को हब्बू की हत्या करवाने की वजह और उस शख्स का नाम पता नही लग सका है। पुलिस का दावा है कि अगले चंद दिनों में हब्बू के हत्यारे और उन्हें सुपारी देने वाला शख्स कानून की हथकडियों में बंद होगा।

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