11 साल की बच्ची के साथ पहले रेप फिर शादी

Rape-&-Marriage

बचपन गुड़िया-गुड्डों से खेलने के लिए होती है, लेकिन बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र में बेरहम माँ-बाप ने अपनी ही 11 साल की बेटी से उसका बचपन छीन लिया। 11 साल की इस मासूम को 28 साल के आदमी के साथ शादी करवा दी। शादी से पहले यह बच्ची एक महीने की गर्भवती थी। उसके होने वाले शौहर ने शादी से पहले ही उसके साथ बलात्कार किया और गर्भ ठहरने पर माँ-बाप ने उसी बलात्कारी के साथ उसका निकाह कर दिया। मासूम की कोख का बच्चा अब तीन महीने का हो चुका है।

11 साल की बाली उमर गुड़िया-गुड्डों से खेलने की होती है लेकिन एक मासूम बेटी अपनी कोख में पल रही एक नन्ही-सी जान को सहेजे हुए है। उसे दर्द होता है कष्ट होता है लेकिन किससे कहे। उसके आसपास की दुनियां उसकी दुश्मन है। उसका दुश्मन है यह समाज जिसमें रहने वाले मौअज्जिज लोगो ने उसे इंसाफ के बजाय जिंदगी ढोने की मशीन बना दिया। दुश्मन है उसके माँ-बाप जिन्होने उसकी जिंदगी की कद्र नही समझी।

दो महीने पहले बुलंदशहर के औरंगाबाद में इस बच्ची को 28 साल के आरिफ के साथ निकाह कर दिया गया। 11 साल की इस मासूम की इस निकाह में रजामंदी थी या नही किसी ने उससे नही पूछा। माँ-बाप ने अपने सिर से बदनामी का बोझ उतारा और उस बलात्कारी को हर रोज खेलने के लिए जिस खिलौने की आरजू थी जो मौलवी साहब ने अपनी आँखों पर पट्टी बांधकर उस बलात्कारी को दे दिया। देश के कानून के माथे पर कालिख पोतकर 11 साल की इस बच्ची का बाल विवाह कर दिया गया।

इतनी कम उम्र में निकाह? यह पूछने पर अपना गुनाह छुपाने के लिए बच्ची की माँ की दलील है कि उनकी बेटी आरिफ के प्यार में दीवानी थी। वह उससे बीते एक साल से प्यार करती है। वह शादी से पहले गर्भ से थी इसलिए आरिफ से निकाह करा दिया। बदनामी और लोगो के तानों से बचने के लिए और कोई रास्ता भी तो नही थी।

11 साल की उम्र में देहात में रहने वाली एक मासूम बच्ची को इस तरह के प्यार का एहसास होना किसी की भी समझ से परे है और अगर होता भी है तो क्या माँ-बाप उसकी शादी कर देते है?

बच्ची की माँ बच्ची से बात कराने को रजामंद ही नही होती और जब काफी समझाने के बाद बच्ची बोलने को तैयार हुई तो उसकी माँ और शौहर ने कहा कि सब उसकी मर्जी से हुआ है।
दरअसल शादी से पहले यह बच्ची एक महीने की गर्भवती थी। जिस आरिफ से माँ-बाप ने इस बेटी का निकाह किया, वही आरिफ पिछले कई महीनों से इस बच्ची की आबरू लूट रहा था। लोगो ने उँगलियां उठानी शुरू की तो मुहल्ले की मस्जिद के मौलवी साहब ने आरिफ से बच्ची की शादी का सुझाव माँ-बाप को दिया। इतना ही नही, बच्ची की उम्र के मुद्दे पर आंखें फेरते हुए मौलवी साहब ने दोनो का निकाह भी पढ़वा दिया।

मासूम बच्ची अब तीन महीने की गर्भवती है। स्कूल जाने की उम्र में उसे माँ-बनने के दौर से गुजरना पड़ रहा है। उसकी पीड़ा तो वही जाने, लेकिन माँ-बाप अपने गुनाह की ठींकरा भी उसी के सिर फोड़ रहे है।

उस बच्ची को नही मालूम कि इतनी कम उम्र में जीवन में इतने बड़े बदलाव के बाद ये लाइट-कैमरा एक्शन क्या है। क्यों लोग उससे सवाल जबाब कर रहे है। बलात्कार होने के बाद उसने किसी से शिकायत नही की। उसके निकाह का फैसला माँ-बाप का था। वह गर्भवती हुई उसे नही मालूम कि अब क्या होगा। उसकी माँ उसे कहती कि सबके सामने बोलो सब कुछ उसकी मर्जी से हो रहा और वह यही बोलती है।

देश में बलात्कार अपराध है। नाबालिग के साथ सैक्स संबध पास्को एक्ट के तहत गुनाह है। नाबालिग बच्चे की शादी कराने वाले माँ-बाप बाल-विवाह के दोषी होते है और उस शादी को अंजाम देने वाले मौलवी साहब भी उसी अपराध की श्रेणी में है। फिर आखिर क्यों बचपन छीनने वालों पर कानून का डंडा नही चलता।

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s