50 हजार का ईनामी शार्प शुटर चढ़ा STF के हत्थे

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बुलंदशहर। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश और सुंदरभाटी गैंग के शार्प शूटर जितेन्द्र उर्फ जीतू को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ ने बताया कि जीतू बेहद खूँखार किस्म का अपरधी है और सुंदरभाटी गैंग के लिए पश्चिमी उत्तर-प्रदेश, दिल्ली और दिल्ली एनसीआर के अलावा राजस्थान में चौथ वसूली का काम करता था। पुलिस को बुलंदशहर के कटार हत्याकांड समेत वेस्ट यूपी और दिल्ली के कई संगीन मामलों में जीतू की तलाश थी। जीतू तीन साल से पुलिस की गिरफ्त से फरार था और यूपी पुलिस ने उसके सिर पर 50 हजार का इनाम भी रखा था।

एसटीएफ वेस्ट के पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि मुखविर खास ने सूचना दी कि जीतू और बलराज भांटी सिकन्द्राबाद के दनकौर मार्ग से कहीं जा रहे है। एसटीएम की टीम ने दनकौर की तरफ से दो व्यक्ति आते हुए देख तो उन्हें रूकने का ईशारा किया। दोनो बदमाशों भागकर बिटोरो की आड में छुप गए और फायर शुरू कर दिए। बताया एसटीएफ की टीम ने जवाबी फायर करते हुए जितेन्द्र उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर लिया। जीतू का दूसर साथी बलराज भांटी भागने में सफल हो गया, जिसकी तलाश मे एसटीएफ की टीम लगी हुई है। उन्होंने बताया कि जितेन्द्र उर्फ जीतू के पास से 32 एमएम पिस्टल, 9 एमएम कारबाईन, डेढ दर्जन कारतूस एसटीएफ की टीम ने बरामद किए है।

रावण के नाम था मशहूर
जितेन्द्र उर्फ जीतू पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के खूँखार सुंदरभाटी गैंग का शार्प शूटर है। बुलंदशहर के गांव ढूसरी में रावण के नाम से बदनाम जीतू बेहद खूँखार किस्म का क्रिमिनल है। उसके बारे में बताते है कि अपने शिकार को मरने बाद भी सैकडों गोलियां उस पर चलता रहता था।

ऐसा बना अपराधी
जितेन्द्र उर्फ जीतू ने एफटीएफ को पूछताछ में बताया कि शिकारपुर के गांव ढूसरी में उसके पिता भूले सिंह की हत्या वर्ष 1989 में गांव के लोगों ने फरसे से काटकर रंजिशन कर दी थी। जीतू ने एसटीएफ को बताया कि उसने बलराज भांटी के साथ मिलकर अपने पिता के चार हत्यारों को मार डाला।

बदमाश बनने से पहले पुलिस में था जीतू
जीतू ने एसटीएफ को बताया कि 1990 से लेकर 1997 तक वह उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पर पर तैनात था। उसकी पोस्टिंग मेरठ पुलिस लाईन, कोतवाली, सरधना में रही थी। बताया की पोस्टिंग के दौरान वर्ष 1997 में प्रदीप त्यागी सोसाईटी चेरमैन के साथ गनर रहा था। दोनो ने मिलकर दिल्ली निवासी तरूण सूरी के 12 साल के बच्चे को किडनेप किया और 5 करोड की फिरोती भी मांगी थी।

दिल्ली पुलिस ने फिरोती से पहले ही दोनो को पकड लिया और तिहाड जेल भेज दिया। बताया कि 9 साल तक जेल में गुजारने पड़े और उसे पुलिस की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद उसने गाँव में आकर अपना दबदबा कायम किया और गाँव के युवकों के साथ गैंग बनाकर जरायम की दुनियां में उतर गया। जीतू का दाहिना हाथ बलराज भाटी आज सुंदरभाटी गैंग में उसी के कद का शार्प शूटर है और उसके सिर पर भी यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम कर रखा है।

एसटीएफ वेस्ट के पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि जीतू 2014 से फरार चल रहा था। जिसकी तलाश में एसटीएफ की टीम भरतपुर, आगरा, धौलपुर, अलवर, जयपुर, हाथरस, अलीगढ़, आदि जगहों पर जीतू की खाक-छान रही थी।

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