जनता के विश्वास पर खरे नहीं उतर पाए बीजेपी सांसद

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बुलंदशहर। केन्द्र की बीजेपी सरकार में बुलंदशहर के सांसद बने डा. भोला सिंह अपने एक साल के कार्यकाल में जिला का कोई विकास नहीं करा पायें। उन्हें जिले के विकास के लिए मिले ढाई करोड में से दो करोड केवल 48 स्कूलों में शौचालय बनावाने के लिए खर्च कर दिए। जिल की सड़के आज भी टूटी पडी है। बिजली, पानी की समस्या ज्यों की त्यों है।

केन्द्र सरकार की योजनाओं को अपनी उपलब्धि बताने वाले बुलंदशहर के बीजेपी सांसद डा. भोला सिंह ने 5 हजार आबादी वाले गांव को गोद लिया था। गोद लेने के बाद गांव में एक बार जरूर गए थे, परन्तु उसके बाद गांव को गोद लेकर विकास कार्य कराने भूल गए। सांसद बनने से पहले ही गांव में विद्युतीकरण का कार्य हो चुका था। लेकिन सांसद विद्युतीकरण के कार्य को भी अपनी उपलब्धि बता रहे है। 16 मई को एक साल का रिपोर्ट कार्ड जीरो साबित हो रहा है।

प्रश्न- सांसद जी! आप की एक साल में क्या उपलब्धियां है?

उत्तर- मेरी उपलब्धियां केन्द्र सरकार की उपलब्धियों से जुड़ी है। एक साल के अंदर बहुत सारी योजनाऐं आयी है जिनका लाभ सीधे जनता को मिला है। जैसे- डीबीडीएल, जनधन योजना, जीवन सुरक्षा बीमा योजना ऐसी योजनाएं है जो सीधे किसानों,  मजदूरों तक पहुंचने वाले कार्यक्रम है। सुकन्या समृद्धि योजना लड़कियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलायी गयी है।

प्रश्न- सांसदजी! आपने गांव गोद लिया था उसमें विकास के क्या कार्य चल रहे है?

उत्तर- मैने भोपतपुर गांव को गोद लिया था। उस गांव में बिजली नहीं थी। विद्युतीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। उस गांव में विद्युत खम्भे लग गये है जल्द ही गाँव तक बिजली की सप्लाई भी पहुँचेगी। हेल्थ कैम्प गांव में लगाये जा रहे है। जिले के अधिकारियों ने वहां जाकर एक मीटिंग ली और लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।

प्रश्न- सांसद निधि से आपने कितना विकास कार्य कराया है?

उत्तर- मोदीजी ने 15 अगस्त को लाल किले से कहा था। हर विद्यालय में हमारी बेटियों के लिए स्कूल और स्कूल में टायलेट अलग से होगा। सांसद निधि से ढाई करोड रूपये का बजट मिला है। निर्मल भारत अभियान के तहत 48 सरकारी स्कूलों के लिए 2 करोड़ रूपये दिये है। बकाया पैसा गांव के छोटे-छोटे रास्तों के लिए दिया गया है। अपने प्रयासों से मैने सिटी के केन्द्रीय विद्यालय का दो शिफ्टों में संचालन शुरू कराया है। यह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। बुलंदशहर के लिए मैने एक विश्वविद्यालय की मांग भी की है।

प्रश्न- सांसदजी! लोगों का कहना है कि आप चुनाव जीतने के बाद जिले में जनता के बीच कम ही दिखे है?

उत्तर- ऐसे दस आदमी लेकर आओ जो कहते है नही दिखे। मैं रोज क्षेत्र में रहता हूँ और अखबारों में छपता रहता है। ऐसा कैसे कह सकते है कि नही दिखे। जब क्षेत्र में रहेगे तभी तो छपेगे। अखबार ऐसे तो छापते नही है।

प्रश्न- सांसदजी! आप जनता से क्या कहना चाहते हैं?

उत्तर- जिले की जनता के लिए मैं यह कहना चाहता हूं कि केन्द्र सरकार की सारी योजनाऐं किसान,  गरीब और मजदूर के लिए मोदीजी लेकर आये है। आप सभी इन योजनाओं का फायदा उठाये। मोदीजी के स्वच्छता अभियान में भाग लें और इसकी शुरूवात अपने घर, गांव, आस-पास को साफ करके करें।

भोपतपुर गांव में नहीं हुआ कोई विकास कार्य

भोपतपुर गांव की ग्रामप्रधान रेनू ने बताया कि सांसद के गाँव गोद लेने से आज तक गाँव में कोई विकास कार्य नही हुआ है। गांव में ना तो सड़क बनी है और न ही पीने के पानी के लिए सरकारी हैडपम्प लगे है। उन्होने बताया कि  गोद लेने के दिन और उस दिन के बाद आजतक सांसदजी गाँव नही आये है। विद्युतीकरण का काम पहले से ही चल रहा है और गाँव में जो खंभे लगे है वो सांसद के गाँव को गोद लेने से पहले से है।

अनूपशहर से बसपा विधायक चौधरी गजेन्द्रसिंह ने बताया कि सांसद द्वारा जिले में कोई भी विकास कार्य नहीं कराया गया। भोपतपुर गांव पहले अनूपशहर में लगता था। वहां बसपा शासनकाल में विद्युतीकरण का कार्य शुरू कराया गया था। विधायक ने बताया कि बसपा के ही शासनकाल में इस गांव में सड़क बनी थी। एक साल के अन्दर सांसद द्वारा अनूपशहर विधानसभा में भी कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है।

सांसद न तो जिले में मिलते है और न ही उनके नाम एक साल के अंदर कोई बड़ी उपलब्धि है। केन्द्रीय विद्यालय में दो शिफ्टो में पढ़ाई होना लंबे समय से चल रही माँग है और इसका श्रेय जिले की डीएम को है। जिलाधिकारी की ओर से छात्रों की बढ़ती संख्या के चलते पहले से ही यह माँग केन्द्र सरकार को भेज दी गयी थी। अब काम हो गया तो सांसदजी इसका सेहरा अपने सिर पर रखना चाहते है। बात केन्द्र की बीजेपी सरकार की करे तो उनके सारे ऐजेंडे फाइलों में पड़े धूल फांक रहे है और हमारे प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं में बिजी है। केन्द्र की अनदेखी की वजह से किसान का जीवन गर्त में है।

स्थानीय लोगो का कहना है कि

‘‘बिजली, पानी, सड़क स्वास्थ्य ऐसे मुद्दे रहे है जिन पर नये सांसद को ध्यान देना चाहिए था। लेकिन पूरे शहर की हालत डंपिग ग्राउन्ड की तरह हो गयी है। सिटी की नगरपालिका अध्यक्ष बीजेपी की होते हुए भी शहर कचराघर में तब्दील है। पार्टी के कार्यकर्ता कहते है सांसद और अध्यक्षा के बीच तालमेल की कमी है और इसका नतीजा अवाम को भुगतना पड़ रहा है।’’

महेश शर्मा, स्थानीय नागरिक

‘‘शिक्षा को लेकर केन्द्र सरकार और सांसद से बहुत उम्मीदें थी। मगर अफसोस कि सांसद के पास इसे लेकर जिले के उत्थान के लिए कोई रणनीति नही है। विश्वविद्यालय की मांग करना ऐसा है जैसे आसमान से तारे तोड़ कर लाये जाये। अच्छी शैक्षिक गुणवत्ता वाले सरकारी स्कूल-कालेज तो आसानी से लाये जा सकते है। अब पिछले सांसदों की तरह ये सांसद भी इसी मांग का रट्टा लगाये रहेगे और पूरे 5 साल खींच जायेगे। दरअसल, जमीनी स्तर पर काम करने के लिए जो जुनून होना चाहिए, उसकी कमी दिखायी देती है।’’

पवन तेवतिया, स्कूल टीचर

‘‘इलैक्शन के वक्त यही सांसदजी बुलंदशहर से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा लेकर आ रहे थे। इस बार रेल बजट से बुलंदशहर का नाम ही गायब है। नई पटरियों के लिए कांग्रेस की सरकार ने जो ऐलान किये उनका सर्वे तक नही हुआ। सांसदजी कुछ न करे, कम से कम घोषित रेल पटरियों का सर्वे ही करा दे। बड़ी मेहरबानी होगी।’’

योगेश शर्मा, व्यापारी

‘‘सहकारी नगर में एक बड़ी सूत मिल बंद कमरों में धूल फांक रही है। राज्य सरकार भी केवल ऐलान करके रह गयी। सांसदजी कुछ करे तो कम से कम नौजवानों को रोजगार का एक साधन जिले में ही मिल जाये। पिछले सांसदों की तरह डॉ0 भोलासिंह के वायदे भी थोथे निकले है। जहाँ तक जिले में मौजूदगी का सवाल है तो अखबार में फोटो तो छपते है, लेकिन वो सारे फोटो पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों के होते है। सांसदजी जरा बताये। कहाँ और कितनी बार जनता दरबार लगाया उन्होने। कितने लोगो की फरियादें सुनी। कुछ नही बोलेगे। दिल्ली, नोयडा के पैराशूट प्रत्याशी जब तक बुलंदशहर के सांसद बनते रहेगे। इस जिले का कुछ नही हो सकता। ’’

नीरज शर्मा, स्थानीय नागरिक

‘‘जनता को सस्ता न्याय सुलभ हो इसके लिए लंबे वक्त से हाईकोर्ट बैंच की माँग की जाती रही है। केन्द्र का रवैया भी इस मुद्दे पर पिछली सरकारों की तरह है। सांसदजी अगर केन्द्र में वेस्टर्न यूपी के वकीलों की पैरवी करते तो शायद कुछ भला होता। स्थानीय मुद्दों में सड़क, बिजली, पानी ..सब पहले जैसे है। सांसदजी कुछ कर सकते है तो केन्द्र के नरौरा परमाणु बिजलीघर से जिले के लिए अतिरिक्त बिजली की सप्लाई ही मुहैया करा दें। मुझे नही लगता कि ऐसा वह करा पायेगे। ’’

नीलम शर्मा, एडवोकेट

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