अभी तक 11 लोगों की जान ले चुका है रहस्यमयी बुखार

feverपहासू क्षेत्र के गांव करौरा में बुखार से अब तक 11 मरीजों की मौतें हो चुकी हैं, जिसके बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है. गांव में पहुंची स्वास्थ्य महकमे की टीम ने बुखार से पीड़ित 25 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है. इनमें 24 लोग तो खतरे के बाहर है लेकिन एक बच्चे की हालत नाजुक है. लेकिन इस बच्चे का पिता इसका इलाज नही कराना चाहता.

मौसम में आए बदलाव के चलते जिले में बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं. सरकारी और प्राइवेट अस्पताल मरीजों से भर पडे हैं. पहासू थाना क्षेत्र के गांव करौरा में बीते एक सप्ताह में ग्यारह लोगों की मौत बुखार से हो चुकी हैं. करौरा गांव में पिछले 15 दिन से सोमवती, फूलवती, वंदना, सोहनपाल, मुर्तिदेवी, रामनाथ, विमलेश, दीपक, लेखराज, अर्जून, अंकित की बुखार से मौत हो गयी. जांच में आया है कि करौरा गांव में फेल्सीफेरम और मलेरिया बुखार का प्रकोप है. गांव के लोग सरकारी अस्पतालों के बजाय गांव के डाक्टरों से इलाज कराते रहे जिसकी वजह से बीमारी बढ़ती चली गयी और निजी अस्पतालों में मरीजों की मौतें हुई हैं.

करौरा गांव में एक दर्जन मौतों के बाद अस्पताल महकमे में हडकम्प मच गया. जिलाधिकारी बी.चन्द्रकला के आदेश के बाद सीएमओ डाक्टरों की चार टीमों को लेकर करौरा गांव में कैम्प किये हुए हैं. सीएमओ ने करौरा गांव के बुखार से पीडि़त 25 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जिसमें 6 बच्चे, महिला व पुरूष शामिल हैं. इनमें 24 लोग तो खतरे के बाहर है लेकिन एक बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है. सीएमओ ने बताया कि ब्लड के 25 सैम्पल जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजे गए हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मलेरिया या डेंगू के बारे में कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है.

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 4 मौतें ऐसे उम्रदराज लोगों की है जिनकी उम्र 65 से 95 साल के बीच थी और वह बुखार के अलावा भी कई बीमारियों के मरीज थे. बाकी सात में से 5 लोगों की मेरठ, अलीगढ़, नोयडा के निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान जो मौतें हुई उनका कारण बुखार बताया जा रहा है. जिलाधिकारी के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की चार स्पेशल टीमें करौरा गांव में कैंप करके ग्रामीणों का इलाज कर रही हैं. गांव के 25 बीमारों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहाँ उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है सारे मरीज चल-फिर सकते हैं.

सीएमओ डॉ दीपक ओहरी ने बताया कि करौरा गांव में 10 डाक्टरों की चार टीम कैम्प कर रही हैं. (9 व 10 सितम्बर) की रात को 108 एम्बुलेंस सेवा से 25 बुखार से पीडि़त लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिनमें से 21 मरीजों की हालत पहले से अच्छी है. उन्होंने बताया कि जिन मरीजों की बुखार से प्राईवेट अस्पताल में मौत हुई उनकी जांच रिपोर्ट मंगाई गयी है उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

जानलेवा बुखार से बचने के लिए रखे ध्यान

मौसम के हिसाब से अभी 15 दिन और जानलेवा बुखार का कहर जारी रहेगा. बुखार से बचने के लिए कूलर का इस्तैमाल बंद कर दे और साफ-सफाई के साथ पौष्टिक भोजन खाये. बीमार होने पर सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जॉच कराने की भी डाक्टर सलाह दे रहे है. इसके अलावा गांव के नीम-हकीमों या झोलाछाप डाक्टरों से भी दूर रहें.

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