रहस्यमयी बुखार से अभी तक करीब 70 लोगों की मौत

बुलंदशहर जिले में अजीबो-गरीब बुखार से अब तक करीब 70 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू और मलेरिया होने की बात से साफ इंकार कर रहा है। जिले में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत चार बड़े अस्पताल हैं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की संख्या 13, जबकि पीएचसी 6 और न्यू पीएचसी की संख्या 55 हैं। निजी क्लीनिकों का आंकड़ा भी लगभग साढ़े सात सौ हैं। इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की स्थिति देखें तो औसतन तीस से चालीस हजार रोगी प्रतिदिन इलाज कराने पहुंच रहे हैं। अफसरों के दावे हैं कि जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाएं चकाचक हैं, जबकि हकीकत इसके विपरीत है।

पिछले चार दिनों में करीब 40 लोगों ने बुखार से दम तोड़ा है। अकेले अनूपशहर में छह लोगों ने दम तोड़ा। औसतन हर दिन 10 लोग बुखार से मर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि जनपद में डेंगू नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बुलंदशहर नगर में 35 हजार घर का सर्वे किया गया। यहां कोई डेंगू का केस नहीं है। डेंगू का लार्वा भी कहीं नहीं है। यह सर्वे 1 से 15 सितंबर के दौरान कराए गए। सवाल है कि जब पूरा महकमा बुखार को लेकर सक्रिय है तो 35 हजार घरों का सर्वे कैसे हो गया?

दूसरा, अनूपशहर, छतारी, औरंगाबाद, जहांगीराबाद, ककोड़ क्षेत्र में लोग मर रहे हैं और सर्वे हो रहा है कि बुलंदशहर नगर का। सर्वे ही करना है तो यह श्रमशक्ति का इस्तेमाल स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित इलाकों में करनी चाहिए। अब तक जनपद में हई 70 से अधिक मौत में पांच ऐसे मामले आए हैं जिसमें जनपद के किसी लैब ने डेंगू की पुष्टि नहीं की लेकिन वही मरीज जब नोएडा या दिल्ली के नामी हॉस्पिटल पहुंचे तो उसे रिपोर्ट में डेंगू बताया गया।

सूत्रों की मानें तो पैथॉलोजी लैब पर डेंगू की रिपोर्ट न देने का दबाव है। शहर व गांव के सरकारी हॉस्पिटलों का हाल बुरा है। जिला अस्पताल में बुखार वार्ड में एक बेड पर 4-5 रोगी लेटे हैं। अस्तपाल के बरामदे से लेकर पेड़ की छांव में मरीज लेटे मिलते हैं, जहां उसे पूछने वाला कोई नहीं होता है। देहात और कस्बाई क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का हाल तो और भी भयावह है। बड़ा सवाल है कि ऐसे लाचार हालात में मौत का बेकाबू ग्राफ नियंत्रण में कैसे आएगा? मौत का आंकड़ा कहां तक पहुंचेगा। साथ ही मौत का जिम्मेदार कौन है, यह भी तय हो।

प्राइवेट में डेंगू, सरकारी में नहीं

दिल्ली, गाजियाबाद व नोएडा के प्राइवेट अस्पताल अभी तक दो दर्जन से अधिक लोगों को डेंगू होने की पुष्टि कर चुके हैं। जबकि जिले के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में एक भी डेंगू का केस नहीं दर्ज है। विभागीय अफसरों ने जो रिपोर्ट शासन को भेजी है, उसमें भी डेंगू का कोई आंकड़ा नहीं भेजा गया है।

40 यूनिट ब्लड से कैसे होगी पूर्ति

डेंगू होने पर आमतौर पर मरीज को ब्लड चढ़ाने की जरूरत है। लेकिन जिला अस्पताल का ब्लड बैंक ब्लड के लिए मोहताज है। 160 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में 40 यूनिट ही ब्लड बचा है। ए और बी नेगेटिव व बी पॉजिटिव ब्लड काफी कम है। जिला अस्पताल में ही रोज 300 तक मरीज भर्ती हैं। स्थिति देखें तो जिला अस्पताल का ब्लड बैंक जिले की तो क्या जिला अस्पताल के मरीजों की पूर्ति भी नहीं कर सकता।

कागजों में हो रही फोगिंग

बुलंदशहर जिले में नौ नगरपालिका व आठ नगर पंचायत हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी दावे कर रहे हैं कि हर वार्ड में फोगिंग कराई गई है। जबकि लोगों की शिकायत है शहर और गांवों में नगरपालिका द्वारा फोगिंग नही हो पा रही है।

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One thought on “रहस्यमयी बुखार से अभी तक करीब 70 लोगों की मौत

  1. चाहे हजारों मर जायें पर डेंगू के सरकारी आँकडे शून्य ही रहेंगे, यही उम्मीद है उम्मीदों की सरकार से ।

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