बुलंदशहर के भूपेश कुमार ने माउंट कलाम पर लहराया तिरंगा

बर्फ से ढके पहाड़ों और ग्लेशियर के बीच बेहद कठिनाई से बुलंदशहर के भूपेश कुमार और उनके पर्वतारोही साथी अर्जुन वाजपेयी ने 6180 मीटर ऊंची चोटी पर चढ़कर एक नया कीर्तिमान रचा है। भूपेश और अर्जुन ने इस पर्वत पर चढ़ने वाले पहले व्यक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज करा लिया है। पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन एपीजे कलाम को समर्पित इस अभियान को पूरा करने में भूपेश और अर्जुन को 14 दिन का वक्त लगा। पर्वतारोहियों ने फतह की गयी चोटी का नाम माउंट कलाम रखा है।

यह चोटी बारा-सिगरी ग्लेशियर के पास स्थित है। अर्जुन और भूपेश के मुताबिक उन्होंने इस चोटी पर चढ़ने का फैसला अन्य युवाओं में पर्वतारोहण के प्रति दिलचस्पी पैदा करने के लिए किया। इंडियन माउंटेनर फाउंडेशन के सहयोग से भूपेश और अर्जुन ने 6 अक्टूबर को नई दिल्ली से अपने इस अभियान की शुरूआत की थी। भूपेश कुमार ने बताया कि इस दौरान उन्होंने हिमाचल घाटी के स्पीति जिले में 29 किमी लंबे ग्लेशियर को पार किया और फिर 6180 मीटर ऊँचे पर्वत पर चढ़ने में विजय पायी। पूरे अभियान के दौरान उनके आठ दिन वर्फ से ढके पहाड़ों और ग्लैशियर के बीच बेहद कठिनाई से गुजरे। दोनों का ये अभियान 16 अक्टूबर को समाप्त हुआ।

IMG-20151103-WA0000

माउंट कलाम दिया नाम

एपीजे अब्दुल कलाम के प्रशंसक इन पर्वतारोहियों ने अपने इस अभियान को कलाम साहब को समर्पित किया है। फतह किये गये पर्वत को उन्होने माउंट कलाम नाम दिया है जिसके अपरूव्ल के लिए उन्होने सर्वे ऑफ इंडिया को प्रस्ताव भेजा है। इस पर्वत को फतह करने वाले अर्जुन और भूपेश पहले पर्वतारोही हैं।

IMG-20151103-WA0006

एक दशक से पहाड़ों को फतह करने में जुटे हैं भूपेश

बुलंदशहर के भूपेश बेहद जुनूनी हैं। बीते दस बर्षो में उन्होने 17 अभियानों के तहत विभिन्न पर्वतों की चोटियां फतह कर उन पर तिरंगा लहराया है। भारतीय और विदेशियों के दलों के साथ भूपेश ने उत्तराखंड, सिक्कम, हिमाचलप्रदेश और जम्मू-काश्मीर में इन अभियानों को पूरा किया है। प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले भूपेश की जिंदगी अब ऐसे कीर्तिमान रचने के लिए समर्पित है। उनके पिता डॉ0 मोमराजसिंह बताते है कि एडवंचर प्रेमी भूपेश बचपन से ही पहाड़ों और प्रकृति के बेहद करीब हैं। उन्हे अपने बेटे पर गर्व है।

IMG_20151103_134256

ये भी किए फतह

भूपेश इससे पहले 2014 में 6443 मीटर की ऊंचाई पर भागीरथी-2 , 2011 में माउंट शिवलिंग, माउंट मैंथोसा, नंदाभनार, 2013 में थेलू, 2008 में फ्रेंडशिप पीक, 2013 अगस्त में खानशिरिंग, छेतीघार आदि चोटियों को फतह कर चुके हैं। इसके अलावा भूपेश रोहतांग से कैलांग होते हुए कारगिल तक 150 किमी का पैदल ट्रैक महज 35 दिन में पूरा कर चुके हैं।

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s