“बेटी बचाओ” और “हरियाली” के राही है साइकलिस्ट हीरालाल यादव

पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ और साम्प्रदायिक सद्भाव जैसे मुद्दो पर पूरी दुनियां में एक करोड़ किलोमीटर साइकिल चलाने वाले हीरालाल यादव अब ग्रीन यूपी-क्लीन यूपी अभियान पर निकले है। साइकिल से देश का तीन बार चक्कर लगाने वाले साइकलिस्ट हीरालाल यादव आज बुलंदशहर पहुँचे और स्कूली बच्चों के बीच पृथ्वी बचाने के मुद्दे पर घंटो बातचीत की। हीरालाल यादव अपने इस अभियान में हर बच्चे से एक पौधा लेने और एक पौधा देने का संकल्प कराते है।
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18 साल पहले कारगिल युद्ध के बाद मुंबई के रहने वाले हीरालाल यादव ने अपनी जिंदगी की दिशा बदल ली और इस संसार को कुछ देने की ठानी। उन्होने नशामुक्ति..बेटी बचाओ..पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दो पर देश भर में साइकिल से चलकर जागरुकता अभियान चलाया और अब यूपी सरकार के ग्रीन यूपी-क्लीन यूपी अभियान का झंडा लेकर निकले है। साइकलिस्ट हीरालाल यादव आज बुलंदशहर पहुँचे और उन्होने सैकड़ो स्कूली बच्चों के बीच पौधारोपण करने के बाद उनसे पर्यावरण के मुद्दे पर विचार साझा किये।
जनवरी-2017 तक ग्रीनयूपी-क्लीन यूपी के लिए देश भर में अभियान लेकर निकले 59 साल के हीरालाल यादव अब तक एक करोड़ किलोमीटर से ज्यादा साइकिल यात्रा कर चुके है। उन्होने पूरे देश का तीन बार चक्कर लगाया है। शहीद संदीप उन्नीकृष्णन के पिता और अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के पिता भी उनके इन अभियानों के साथी है। नशामुक्ति के लिए बिना सीट की साइकिल चलाने वाले हीरालाल यादव ने दुनियां को बताया कि नशा छोड़ना बिना सीट साइकिल चलाने से ज्यादा कठिन नही है। उन्होने अब तक कई देशों में भी लाखों किलोमीटर साइकिल चलाई है।
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कारगिल युद्ध के बाद साइकिल लेकर देश भर में निकले हीरालाल यादव ने देश के नौजवानों को आर्मी ज्वाइन करने के लिए जागरुक किया। उन्होने नशामुक्ति के लिए लाखों नौजवानों को दिशा दिखाई। हीरालाल यादव देश के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों समेत एक हजार से ज्यादा स्कूलों में अपने अभियानों से जुड़े मुद्दो पर भाषण भी दे चुके है।
पूर्व राष्ट्रपति कलाम और सीएम अखिलेश ने किया सम्मान-
देश-विदेश में अब तक 15 साइकिल यात्राऐं कर चुके हीरालाल यादव 1991 में किडनी के रोगी भी रहे है, लेकिन इसके बाबजूद उनका उत्साह देखते ही बनता है। 29 जुलाई 2013 को मुंबई में उन्हें पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किया गया। ग्रीन यूपी-क्लीन यूपी अभियान की शुरूआत के पहले यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने उन्हें सम्मान स्वरूप 5 लाख रूपये का चेक भी दिया।
घर से शुरू हुई विश्वव्यापी अभियानों की कहानी-
हीरालाल बताते है कि उन्हें बीडी-सिगरेट पीने का शौक था। उन्हें देखादेखी उनका छोटा बेटा भी छुपकर बीड़ी पीने लगा। एक दिन एक पड़ौसी ने उन्हें इसके बारे में बताया तो उन्हें बहुत आत्मग्लानि हुई। उन्होने खुद ध्रूमपान छोड़ा और फिर अपने बेटे को नशामुक्त कराने के बाद पूरे विश्व में इस अभियान के लिए कमर कस ली।
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