SDM-खाद्य विभाग की टीम ने मारा छापा, नकली देसी घी का भरा सैंपल

बुलंदशहर। अगर आप तंदुरुस्त रहने के लिए देशी घी का सेवन कर रहे हैं तो जरा संभल कर। यह घी आपकी सेहत को नासाज भी कर सकता है। शुद्ध घी के नाम पर बाजार में बडे स्तर पर नकली घी का काला कारोबार चल रहा है। एसडीएम और खाद्य विभाग ने खुर्जा देहात के गांव हजरतपुर में छापा मारकर ‘श्री नन्द गोपाल’ ब्रांड के घी का सैम्पल भरा है।

खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव हजरतपुर में श्री नन्द गोपाल नाम के इस घी को खाने से कई लोगों बीमार हो गये। ग्रामीणों ने बताया कि यह घी गांव में मात्र 170 रूपए प्रति थैली के हिसाब से बेचा रहा था। इस घी खाने से गांव के कई लोग बीमार हो गये। लोगों की शिकायत पर एसडीएम इन्दू प्रकाश और खाद्य निरीक्षक राजेश कुमार ने गांव हजरतपुर निवासी बिल्लू के यहां छापा मारकर 5 थैलियों को जब्त कर लिया है।

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खाद्य निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पकड़ी गयी इन थैलियों पर श्री नन्द गोपाल डेरी, आगरा रोड़ मथूरा लिखा हुआ है। उन्होंने बताया कि इन थैलियों पर बेच नम्बर नहीं था। इन थैलियों को सील करके जांच के लिए भेजा दिया है।

खुर्जा एसडीएम इंदूप्रकाश ने बताया कि गांव हजरतपुर में नकली देशी घी खाने से कई लोगों बीमार होने की सूचना मिली थी। गांव में छापा मारा गया तो पता चला कि श्री नन्द गोपाल ब्राण्ड का देशी घी मात्र 170 रूपए में बेचा जा रहा है। जब इस घी को चेक किया गया तो थैली पर कोई भी बेच नम्बर नही था। दुकान से मिली से मिली पांच थैलियों को सील कर जांच के लिए भेज दिया गया है।

गांवो में अधिक फोकस-
मिलावखोर आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में नकली घी को गांव में खपाते हैं। यहां ग्रामीण दुकानदारों को ज्यादा कमाई का लालच देकर नकली माल को सीधी-साधी आम जनता को बेच दिया जाता है। आम तौर पर नकली घी के पैक प्रचलित ब्राण्ड्स से बिल्कुल मिलते-जुलते होते हैं लिहाजा आम लोग सीधे तौर पर धोखाधडी का शिकार आसानी से हो जाते है।

170 रूपए प्रति किलोग्राम बिकता है घी-
घी बाजार में 140 से 170 रूपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है, जो कि असली घी (ब्राण्डेड कंपनी) के बाजार भाव से करीब डेढ़-दो सौ रूपए कम हैं। सूत्रों के अनुसार डालडा में रिफाइण्ड तेल मिलाकर देशी घी की खुशबूयुक्त एसेंस मिलाकर गर्म किया जाता है। इस घी के गर्म होने के बाद देशी घी की तरह खुशबू आती है। इससे लोग नकली व असली घी में अंतर नहीं पहचान पा रहे हैं। इस अवैध धंधे से जुड़े लोग नकली घी को एक-एक किलो की थैलियों में पैकेट बनाकर एवं टीन में भरकर बेचते हैं। जिस पर कोई मार्का भी नहीं होता है।

सीएमओ दीपक ओहरी ने बताया कि नकली घी के सेवन से शरीर मे कई गंभीर बीमारियां पनप जाती हैं। इसका एक गरीब तबके का परिवार तो आसानी से उपचार तक नहीं करा सकता। उन्होंने बताया कि इस घी के सेवन से लीवर से जुड़ी बीमार व किड़नी खराब होने की आशंका रहती है। इस घी की बजाय सूखी रोटी खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

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