2 साल पहले किया था नरसंहार, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

बुलंदशहर। नरौरा में दो साल पहले एक ही परिवार के 6 लोगो के सामूहिक नरसंहार के मामले में सोमवार को एडीजे-7 (गैंगस्टर कोर्ट) ने चार हत्यारों को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को रेअरेस्ट ऑफ रेअर मानते हुए 4 आरोपियों को इस जघन्य हत्याकांड का दोषी माना है। हत्याकांड में परिवार के मुखिया समेत दो महिलाओं और दो बच्चों को धारदार हथियार से काटकर कत्ल किया गया था।

23 जनवरी 2014 की रात नरौरा क्षेत्र के गांव पिलखना निवासी मौसम खान, उनकी पत्नी असगरी, बेटा शौकीन और उसकी पत्नी शन्नो, शौकीन का पुत्र समद (6) और उनके घर आई भानजी मुस्कान (14) की हत्या कर दी गयी। मौके पर पहुँची पुलिस को पूरा घर रक्तरंजित मिला। सभी को बेरहमी से काट डाला गया था। पुलिस को मौके पर मौसम खान का बेटा अलीशेर मिला जिसमे पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया था कि पूरी वारदात उसके सगे भाई मौमीन खान और उसकी बीबी नाजरा ने चचेरे भाई जेखम और उसके बेटे साजिद के साथ मिलकर की है। दो साल की सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाहों के बयानों और मौके के सबूतों के आधार पर इन आरोपियों को अदालत ने आज फांसी की सजा सुनाई है।

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इसलिए वारदात को दिया अंजाम-

मौसम खान इलाके के 5 दशक पुराने ईट कारोबारी थे। उसके बेटे मौमीन की शादी के बाद सोहबत बिगड़ गयी और उसने अपने हिस्से में मिली जमीन और लाखों रूपये जुए और शराब में बरबाद कर डाले। मौमीन ने अलीगढ़ में मौसम खान से रूपये लेकर नया कारोबार भी शुरू किया, लेकिन उसमें भी सफलता नही मिली। उसकी बुरी आदतों से परेशान मौसम खान ने उसे खुद से अलग कर लिया था। लेकिन वह अपने चचेरे भाई के पास आकर रहने लगा। चचेरा भाई जेखम खान भी ईट भट्टा का बिजनेस करता था, लेकिन मौसम खान के मुकाबले वह कभी नही पहुँच सका। यह टीस उसके दिल में थी। उसने मौमीन से मौसमखान की अदावत का फायदा उठाया और पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच डाली। इस वारदात में उसका बेटा साजिद और मौमीन की बीबी नाजरा शामिल थी।

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ऐसे दिया वारदात को अंजाम-
मोमीन ने पुलिस को बताया कि सबसे पहले उन चारों ने मोमीन के बडे भाई शौकीन और उसकी पत्नी शन्नो को धारदार हथियार से काट डाला। हत्या के वक्त उनके मुँह कपड़े से दबा दिये गये थे इसलिए उनकी चीख भी नही निकली। इसके बाद मोमीन ने जेखम और उसके पुत्र साजिद को आंगन में खडा कर दिया। मोमीन ने अपने पिता मौसम खान व मां असगरी को बलकटी से काट डाला। उनकी चीख पुकार सुनकर बराबर के कमरे में मौजूद शौकीन का बेटा समद व भांजी मुस्कान बाहर आ गये। बाहर आते ही जेखम और उसके पुत्र साजिद ने उनके ऊपर हमला बोल दिया। जब वे दोनो जमीन पर गिरकर तड़पने लगे तो मोमीन ने अपने भतीजे और भांजी के शरीर पर गन्ना छीलने वाली दरांती से 20-25 वार किये और उनकी हत्या कर दी।

अभियोजन पक्ष के वकील नवनीत शर्मा ने बताया कि तमाम सबूतों और गवाहानों के बयान के आधार पर अदालत ने इस मामले को रेअर ऑफ रेअरेस्ट माना है। इसीलिए चारों आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गयी है।

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